Armano Ke Gulshan Se…
Rs. 160/-
Author:
Genre: Poetry
Tags: Hindi Poetry, Shyam Kumar
Publisher: Kiwi Books
Publication Year: 2016
Length: 47
ISBN: 9789385523205

जीवन के उतार चढ़ाव दुख-सुख, प्रेम-विरह के अनुभवों को बारीकियों से
रचनाओं से दर्शाने की कोशिश लेखक व्दारा की गई है |

About the Book

जीवन के उतार चढ़ाव दुख-सुख, प्रेम-विरह के अनुभवों को बारीकियों से
रचनाओं से दर्शाने की कोशिश लेखक व्दारा की गई है |

श्याम कुमार 62 वर्ष के है | सेवा निवृत्त रेलवे अधिकारी | भारतीय
रेल कैरेज एण्ड वैगन वर्क्सशॉप / पूर्व रेलवे लिलूया से कारखाना
कार्मिक अधिकारी के पद से सेवा निवृत्त | केन्द्रिय सचिवालय हिन्दी
परिषद कोलकाता शाखा के शाखा प्रधान के पद पर रह कर हिन्दी
भाषा का, कार्यालय़ों के काम-काज में अधिक से अधिक प्रयोग के
लिये सतत् काम किया | रेल के विभागीय पत्रिका, पूर्वादय, राजभाषा
विभूति, प्रतिबिम्ब में कवितायेँ तथा कहानियाँ प्रकाशित हुई है |
अखिल रेल राजभाषा सप्ताह समारोह के अवसर पर वर्ष 2008 में
रेल मंत्रालय की व्यक्तिगत नकद पुरूस्कार एंव प्रमाण-पत्र से
सम्मानित किया गया | जीवन के पहलुओं को बचपन से बारिकी से
देखने के नजरिय़ॉ ने जाने कब मन के अन्दर एक कवि / लेखक के
रूप में अपना घर बना लिया | और भावनायें कागज पर शब्दों का
रूप लेने लगी | प्यार के दर्द, खोने का गम, न मिलने की कसक,
खेतों में ह्ल चलाते किसान, तप्ती गर्मी का अहसास, अश्वासन के
मीठे बोल, इत्यादि पहलूओं को कविता में उकेरने का प्रयास किया
है | भविष्य को सजाने की मंशा से वर्त्तमान की आपा-धापी, निराशा
से आशा की तरफ बढ़ने की प्रेरणा शब्दों के माध्यम से देने की
कोशिश की है | हो सकता हो कविता के कुध भाव आपके जीवन के
बिल्कुल करीब हो तो यह एकमात्र संयोग ही होगा |

47p/Paperback/5.83 x 8.27

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